सफलता का चढ़ता परा - Success Businessman Story in Hindi | HindiApni
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सफलता का चढ़ता परा – Success Businessman Story in Hindi

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Hicks Thermometers Success Story in Hindi

हिक्स थर्मामीटर देश की पहली थर्मामीटर कम्पनी हैं। जो अलीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली अलीगढ़ हाइवे के किनारे नुमाइश मैदान के सामने हिक्स थर्मामीटर इंडिया लिमटेड हैं। जो देश में एक अग्रणी थर्मामीटर की कम्पनी हैं। देश में थर्मामीटर के क्षेत्र में जो भी नया हुआ हैं। वह हिक्स ने ही रु- ब – रु कराया हैं। हिक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ गुप्ता कुछ समय पहले बाज़ार में आए अपने नए प्रोडक्ट “इन्फ्रारेड थर्मामीटर” के बारे में बताते हैं। कि एक नली के आकार के इस थर्मामीटर को माथे से कुछ दुरी पर रखकर बटन दबाते ही यह आपके शरीर का तापमान बता देता हैं। पारे वाले परम्परागत थर्मामीटर से “इन्फ्रारेड थर्मामीटर” का देश से परिचय कराने का श्रेय हिक्स को ही जाता हैं। आज यह कम्पनी हर महीने सात लाख थर्मामीटर बेचती हैं।

देश की आजादी से पहले यह कम्पनी ब्रिटेन में बने थर्मामीटर लाकर भारत में बेचती थी। उस समय सिद्धार्थ के दादा वेद प्रकश गुप्ता अलीगढ़ में तेल का कारोबार करते थे। 1961 में भारत सरकार ने ब्रिटेन से आयत होने वाली कुछ वस्तुओं पर प्रतिबन्ध लगा दिया। तो भारत में ही वेद प्रकाश गुप्ता ने हिक्स थर्मामीटर कम्पनी की स्थापना की मंसूरी में देश का पहला थर्मामीटर बनाने का कारखाना लगाया गया। लेकिन वहा कुछ स्थानीय समस्या के चलते वहा कारखाना को बन्द करना पड़ा। तब वेद प्रकश गुप्ता ने अलीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में थर्मामीटर का कारखाना खोला। अलीगढ़ में गुप्ता परिवार सामाजिक कार्यो के लिए जाना जाता हैं। इस परिवार ने यहाँ टिकाराम मंदिर, टिकाराम कालेज जैसे चैरिटेबल संस्थावो की स्थापना की हैं। टिकाराम कन्या महाविधालय उतरप्रदेश का सबसे बड़ा गर्ल्स कालेज हैं।

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थर्मामीटर का कारखाना लगाने के बाद यह उमीद के मुताबित कुछ खाश लाभ नहीं हो रही थी क्यों की थर्मामीटर बनाने में लागत जयादा लग रही थी क्यों की सारा काम हाथो से ही होता था इसमें जयादा मजदूरो की जरुरत पड़ती थी इस लिए यह ज्यादा फायदा का सौदा नहीं था हालंकि हिक्स के कांच के बने थर्मामीटर विश्व में अपनी सटीकता के लिए जाने जाते हैं एक थर्मामीटर बनाने में 44 प्रकार की निर्माण बिधि से गुजरना पड़ता हैं और एक थर्मामीटर बनाने में सात से आठ दिन तक लग जाते हैं

अपने दादा की तरह सिद्धार्थ को कारोबार की अच्छी समझ हैं और ये गुणवता से किसी तरह का समझोता नहीं करते सिद्धार्थ ने कई देशो का दौरा किया और वहा की हेल्थ इंडस्ट्री की बारीकियो को समझा अब कम्पनी मैनुफैक्चरिंग के अलवा मार्केटिंग के क्षेत्र में फैलना शुरू किया और एक चीन की कम्पनी के साथ समझोता किया और 1996 में भारतीय बाज़ार में पहला ओवल थर्मामीटर उतरा और फिर 2002 में पहली बार बिना पारे वाला डिजिटल थर्मामीटर पेश किया

हिक्स बाज़ार में नई तकनीके लेकर आ रही थी लेकिन उसे शुरुआत में बाज़ार पकड़ने में समय लग रहा था इसके लिए सिद्धार्थ ने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर ध्यान दिया 1995 में 100 डिस्ट्रीब्युटर्स वाली कम्पनी देश के हेल्थकेयर इंडस्ट्री में सबसे बड़ी 4,000 डिस्ट्रीब्युटर्स वाली बन गई

सिद्धार्थ बताते हैं की हमने तय किया था की हिक्स केवल थर्मामीटर के ही लिए नहीं जानी जायगी बल्कि हेल्थकेयर के दुसरे उत्पादों के लिए भी जानी जायगी हिक्स ने बाज़ार में पहली बार प्रेग्नेंसी किट उतरा आज हिक्स के 90 से ज्यादा प्रोडक्ट हेल्थकेयर इंडस्ट्री में अपनी पहुच बना चुके हैं हिक्स का टर्नओवर 70 करोड़ रुपया सालाना हैं

हिक्स के उत्पादों को विदेशो में भी फैलाने की योजना हैं आने वाले दिनों में हिक्स के नेटवर्क को 4000 डिस्ट्रीब्युटर्स से बढाकर 10,000 डिस्ट्रीब्युटर्स तक पहुचाने की तैयारी हैं

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